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नगर का गटर और जनता का मौन, क्रन्तिकारी और चायवाला

नगर का गटर और जनता का मौन, क्रन्तिकारी और चायवाला नगर का गटर और जनता का मौन, क्रन्तिकारी और चायवाला

नगर का गटर 'चोक' हो गया तो सारे हो उठे परेशान। जिन्होंने प्लास्टिक की थैलियाँऔर कचरा डाला था उसमें वो 'मौन' रह गए श्रीम...

इसलिए कहता हूँ मैं - अबकी बार, मोदी सरकार

इसलिए कहता हूँ मैं - अबकी बार, मोदी सरकार इसलिए कहता हूँ मैं - अबकी बार, मोदी सरकार

गरमा गर्म दाल में, देसी घी की हों बूँदें चार सरसों का साग हो और आम का अचार जो पेट भर खाएं, आ जाये एक डकार... हर पीठ से चिपके पेट का हो ये स...

हम तो सदियों से अप्रैल फूल बनते रहे हैं।

हम तो सदियों से अप्रैल फूल बनते रहे हैं। हम तो सदियों से अप्रैल फूल बनते रहे हैं।

कभी जयचंदों से बनते रहे हैं, कभी सावन के अंधों से बनते रहे हैं युग अनगिनत इन आँखों में धूल छनते रहे हैं हम तो सदियों से अप्रैल फूल बन...

रोक सको तो रोक लो मुझको मैं तो होली मनाऊंगा।

रोक सको तो रोक लो मुझको मैं तो होली मनाऊंगा। रोक सको तो रोक लो मुझको मैं तो होली मनाऊंगा।

रोज़ रोज़ की हो गई चिक-चिक, रोज़ रोज़ के नारे कथनी-करनी में अंतर पर डींग मारते सारे थोथे आदर्शवादियों सुनलो, जो कहता हूँ करके दिखलाऊंगा ...

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